माँ: जीवन की पहली प्रेरणा

माँ के बिना घर सिर्फ चार दीवार की रचना है। वही माँ होती है जो बचपन से लेकर बड़े होने तक हर पल हमारे साथ रहती है। वह न सिर्फ हमारे खाने-पीने का ध्यान रखती हैं, बल्कि हमारी छोटी से छोटी ज़रूरत को भी समझती हैं।

मेरी माँ के बारे में सोचकर मन भर आता है। वह न सिर्फ एक माँ हैं, बल्कि मेरी पहली शिक्षक भी हैं। उन्हीं से मुझे जीवन की पहली सीख मिली—प्यार करना, संभालना और दूसरों के दुख-सुख में शामिल होना।

हमारे घर में जब भी कोई बीमार होता है, माँ ही रात-दिन उसके पास बैठी रहती हैं। वह बिना किसी शिकायत के हर काम कर देती हैं। कभी घर साफ करते हुए, तो कभी गरमागरम खाना बनाते हुए उनका चेहरा हमेशा मुस्कुराता रहता है।

माँ हमें सिर्फ भोजन ही नहीं देतीं, बल्कि जीने की कला सिखाती हैं। वे धैर्य, प्यार और सादगी की सबसे बड़ी मिसाल हैं। उनके प्रति सम्मान और प्रेम दिल से आता है।

हर पल, हर सांस में माँ का साथ महसूस होता है

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय