जब बच्चे बात न मानें तो क्या करें?
बच्चों की जिद्दी आदत हर माता-पिता के लिए चुनौती बन सकती है। कई बार तो ऐसा लगता है कि चाहे जितनी समझाओ, बच्चा सुनता ही नहीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अक्सर हमारी खुद की आदतें भी इसकी वजह बनती हैं?
अगर आप हर छोटी बात पर बच्चे से बहस करने लग जाते हैं, तो वो भी बहस करना सीख जाता है। धीरे-धीरे उसे लगने लगता है कि जिद करने या झगड़ने से ही उसकी बात सुनी जाती है। ऐसे में वो हर बात पर तैयार रहता है — बस अपनी बात मनवाने के लिए।
इसका समाधान कहाँ है? सीधा और सरल — बच्चे की बात सचमुच सुनें। जब आप उसकी भावनाओं को समझने की कोशिश करते हैं, तो वो भी आपकी बात सुनने लगता है। आपका धैर्य और सम्मान उसे जिद से दूर रखता है।
एक छोटी-सी बदलाव करें: बहस करने के बजाय सुनने पर ध्यान दें। जब बच्चा महसूस करेगा कि उसकी बात की कद्र हो रही है, तो वो खुद-ब-खुद आपकी बात मानने लगेगा। क्योंकि बच्चे नहीं, बल्कि संबंध सह
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