माँ दुर्गा: शक्ति और संहार की देवी
दुर्गा हिंदू धर्म में शक्ति और सुरक्षा की प्रतिमूर्ति हैं। उन्हें महादेवी के ही एक रूप के रूप में पूजा जाता है, जो सृष्टि की सभी शक्तियों को समेटे हुए हैं। माँ दुर्गा न केवल मातृत्व और करुणा की देवी हैं, बल्कि वे अधर्म के विरुद्ध लड़ाई लड़ने वाली शक्तिशाली योद्धा भी हैं।
प्राचीन ग्रंथों में उनका वर्णन सिंह पर सवार, आठ या दस हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र धारण करते हुए किया गय है। यह रूप उनकी अदम्य शक्ति और दुष्ट शक्तियों के विनाश का प्रतीक है। मान्यता है कि जब भी अधर्म बढ़ता है, माँ दुर्गा अवतरित होकर उसका संहार करती हैं।
दुर्गा पूजा और दशहरा उनके समर्पित सबसे बड़े त्योहार हैं। इस दौरान मंदिरों में भव्य आयोजन होते हैं और घर-घर में उनकी मूर्ति स्थापित की जाती है। नवरात्रि के नौ दिनों तक भक्त उपवास, पूजा और भजन के माध्यम से उनकी आराधना करते हैं।
दुर्गा को केवल एक देवी नहीं, बल्कि
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