आरती से पहले कौन सा मंत्र बोलें?

हिंदू धर्म में आरती भगवान के प्रति श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करने का एक पवित्र तरीका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आरती करने से पहले भी कुछ विशेष मंत्रों का जाप किया जाता है? कर्पूरगौरं कामिनी कलाधरं, चंद्रार्क व्योम गंगाधरं भुजंगाधरं भानुकोटि प्रभं, भवानीपति भक्तवत्सलं नमामि तं हरं हर हर हर हरें — यह विशेष मंत्र आरती से पहले बोला जाता है।

इस मंत्र का अर्थ गहरा है। यह भगवान शिव और माँ भवानी की महिमा को समर्पित है। मंत्र में शिव को कर्पूर (कपूर) की तरह श्वेत वर्ण वाला, करुणा का सागर, संसार के आधार और सांपों का हार पहने हुए बताया गया है। इसके माध्यम से भक्त अपने हृदय में शिव-शक्ति की स्थापना करता है।

इस मंत्र का उच्चारण करते समय मन शांत हो जाता है और आरती का वातावरण और भी पवित्र बन जाता है। कई मंदिरों और घरों में तो यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।

आरती से पहले यह मंत्र बोलने से न केवल भक्ति की गहराई बढ़ती है, बल्कि आत

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