दुर्गा किसकी बेटी थीं?

दुर्गा माँ के जन्म के पीछे एक गहरा आध्यात्मिक एवं पौराणिक सत्य छिपा है। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, माता दुर्गा का पूर्व जन्म सती के रूप में हुआ था। वे प्रजापति रक्ष की पुत्री के रूप में अवतरित हुई थीं। उनका विवाह महादेव, भगवान शंकर से हुआ था।

एक बार प्रजापति दक्ष ने एक भव्य यज्ञ का आयोजन किया, लेकिन वे अपनी बेटी सती और उनके पति शिव को आमंत्रित नहीं किया। इस अनादर को देखकर सती ने यज्ञस्थल पर जाकर अपने शरीर को त्याग दिया, क्योंकि उन्हें अपने पति के प्रति असीम श्रद्धा थी। इसी के बाद वे अगले जन्म में हिमालय की पुत्री के रूप में पुनर्जन्म लेती हैं, जहाँ उनका नाम पार्वती होता है।

यही कथा दुर्गा के आध्यात्मिक उद्भव की नींव है। वे न केवल किसी एक पिता की पुत्री हैं, बल्कि सृष्टि की शक्ति स्वयं की अवतार हैं। इसलिए भक्त उन्हें जगदंबा, यानी संसार की माँ कहते हैं।

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