कलयु का महामंत्र: नाम का जाप ही मोक्ष का मार्ग

तेजस्वी दास के अनुसार, कलयुग में मनुष्य के लिए सबसे आसान और सर्वोत्तम मार्ग है — भगवान के नाम का जाप। वे कहते हैं कि वेद, उपनिषद, पुराण और संहिता शास्त्रों के अनुसार कलयुग का तारक महामंत्र है। इस युग में ध्यान, तप या यज्ञ जैसे कठिन साधनाएँ अधिक समय और अनुशासन माँगती हैं, पर नाम का जाप सभी के लिए सरल और सुलभ है।

दास जी मंत्र और महामंत्र में अंतर स्पष्ट करते हैं। वे बताते हैं कि जिन मंत्रों में "ऊं", "क्लीं", "नमः", "स्वाहा" जैसे बीज शब्द होते हैं, उन्हें सामान्य मंत्र कहा जाता है। लेकिन जिन मंत्रों में प्रत्यक्ष रूप से भगवान के नाम लिए जाते हैं — जैसे "हरे राम", "हरे कृष्ण", "राम नाम" — वे महामंत्र कहलाते हैं। ऐसा मंत्र सिर्फ उच्चारण से ही हृदय को शुद्ध कर देता है।

कलयुग में विकार और चंचलता अधिक है, इसलिए भगवान का नाम वह सहज साधन है जो बिना किसी जटिलता के आत्मा को जागृत कर सकता है। इस महामंत्र का नियमित जाप मनुष्य

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय