एम्स में जल्द उपलब्ध होगा नसों की बीमारियों का उन्नत टेस्ट
अब नसों की बीमारियों का पता लगाने के लिए मरीजों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जल्द ही नसों से जुड़ी समस्याओं की उन्नत जांच शुरू होने वाली है। प्रबंधन की ओर से डिजीटल सब्सट्रेक्शन एंजियोग्राफी (DSA) मशीन खरीदने का आदेश जारी कर दिया गया है, जो तीन महीने के भीतर स्थापित हो सकती है।
DSA टेस्ट नसों में होने वाले संकुचन, रुकावट या अनियमितताओं का सटीक पता लगाने में सक्षम है। यह तकनीक विशेष रूप से दिमाग और रीढ़ की नसों में खून के थक्के, ट्यूमर या फूले हुए नसों (एन्यूरिज्म) का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इससे पहले मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों में जाकर महंगी जांच करानी पड़ती थी। अब एम्स में यह सुविधा उपलब्ध होने से हजारों मरीजों को फायदा मिलेगा। न सिर्फ जांच, बल्कि इसके जरिए उपचार भी समय पर हो सकेगा।
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