हिंदी का जन्म कब हुआ था?

हिंदी भाषा का इतिहास लगभग एक हजार वर्ष पुराना माना जाता है, लेकिन इसकी जड़ें संस्कृत तक जाती हैं। संस्कृत भारत की सबसे प्राचीन भाषा है, जिसे प्रायः देवभाषा या आर्य भाषा कहा जाता है। हिंदी को इसी संस्कृत की उत्तराधिकारिणी माना जाता है। कहा जाता है कि हिंदी का जन्म संस्कृत की कोख से हुआ है।

समय के साथ, संस्कृत से प्राकृत और अपभ्रंश जैसी भाषाओं का विकास हुआ, जो आम लोगों की बोली जाने वाली बोलियाँ थीं। इन्हीं के आधार पर 10वीं से 14वीं शताब्दी के बीच मध्य भारत में एक नई भाषा का उदय हुआ, जिसे आज हम हिंदी कहते हैं।

12वीं-13वीं शताब्दी में आचार्य जैनेंद्र, अमीर खुसरो और बाद में सूफी संतों तथा भक्ति आंदोलन के संतों—जैसे कबीर, सूरदास, तुलसीदास—ने हिंदी को नए आयाम दिए। उर्दू के प्रभाव से हिंदी ने नए शब्द और रूप ग्रहण किए, लेकिन 19वीं शताब्दी में राष्ट्रवादी आंदोलन के साथ हिंदी को फिर से संस्कृतनिष्ठ रूप में ढाला गया।

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