कैंसर के अंतिम दिनों में क्या होता है?
कैंसर के अंतिम चरण में शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। इस समय मरीज़ अधिकांशतः बहुत थका हुआ महसूस करता है, और लगातार नींद आती है। आंखों की पुतली में कमी दिखाई देना, मौखिक बातों पर प्रतिक्रिया न देना या ध्वनि के प्रति अस्पष्ट प्रतिक्रिया देना आम हो जाता है।
कई बार मरीज़ आँखें बंद नहीं कर पाते, यानी पलकें बंद करने में असमर्थता हो जाती है। यह स्थिति उनके चेहरे के भावों में भी बदलाव ला देती है। चेहरा लंबा या तंग दिखाई देने लगता है, जिसे चिकित्सा भाषा में "मृत्यु का चेहरा" भी कहा जाता है।
धीरे-धीरे शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं। ऑक्सीजन की कमी के कारण त्वचा नीली या भूरी पड़ जाती है। खान-पान की इच्छा लगभग खत्म हो जाती है, और डिहाइड्रेशन बढ़ जाता है। श्वास लेने में तकलीफ़ हो सकती है, और सांसें अनियमित हो जाती हैं।
इन लक्षणों के दौरान परिवार का साथ महत्वपूर्ण होता है। अक
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