असली गिलोय की पहचान कैसे करें?

गिलोय यानी अमृत का पौधा, जिसे आयुर्वेद में बहुत महत्व दिया गया है। लेकिन आजकल बाजार में नकली गिलोय भी बिकने लगी है, इसलिए असली गिलोय की पहचान करना बहुत जरूरी है।

तने से दूध जैसा स्राव न होना गिलोय की सबसे बड़ी पहचान है। अगर किसी पौधे के तने से कटने पर सफेद रेशेदार द्रव निकले, तो समझ जाइए, वह गिलोय नहीं है। असली गिलोय में ऐसा स्राव नहीं होता।

इसके पत्ते दिल के आकार के और नीचे की ओर घुमे हुए होते हैं। पत्तियां छोटी-छोटी, चमकदार हरी होती हैं और डंठल पर एक-एक करके लगी होती हैं। फूलों की बात करें, तो इनकी पंखुड़ियां छह होती हैं और रंग हल्का हरा या पीला होता है।

फलों के गुच्छे गोलाकार या गेंद जैसे होते हैं और पकने पर लाल रंग के हो जाते हैं। ये दिखने में बहुत आकर्षक लगते हैं, लेकिन खाने योग्य नहीं होते। गिलोय की जड़, तना और पत्तियां ही औषधीय उपयोग में आती हैं।

अगर आप गिलोय उपयोग

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