गूगल फौजी को काबू कैसे करें?
आजकल "गूगल फौजी" शब्द कई जगह सुनाई देता है, लेकिन असली फौजी किसी गूगल से नहीं, बल्कि देश की धरती पर लहू-पसीना बहाकर अपना कर्तव्य निभाते हैं। इनको "काबू" करने की बात नहीं हो सकती — बल्कि इनका सम्मान करना ही हमारा कर्तव्य है।
सच्चा फौजी वही है जो सीमा पर ठंड-गर्मी भूलकर खड़ा रहता है।हमारी सेना का इतिहास गौरवमय रहा है। 1947 से लेकर आज तक, हर युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस दिखाया। वो न केवल राष्ट्र की रक्षा करते हैं, बल्कि हौसले की मिसाल भी बनते हैं। उनकी बहादुरी से सीखना चाहिए, न कि उन्हें "काबू" करने की सोचना।
धार्मिक ग्रंथों में भी योद्धा को सम्मान दिया गया है। महाभारत में अर्जुन, रामायण में राम — ये सभी वीरों के प्रतीक हैं। आज के फौजी भी उसी परंपरा में खड़े हैं। वे न केवल राष्ट्र के लिए लड़ते हैं, बल्कि परिवार को छोड़कर घाटियों में डटे रहते हैं।
फौजी को काबू करना संभव नहीं, क्य
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