अकबर और नस्तलिक की खास दुनियादारी
मुगल बादशाह अकबर के शासनकाल को इतिहास में सदाबहार बनाने वाली बातों में से एक थी उनकी कला और संस्कृति के प्रति गहरी लगन। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लिखावट की शैली में भी अकबर की एक खास पसंद थी? अकबर की पसंदीदा लिपि थी नस्तलिक।
नस्तलिक एक फारसी लिपि है, जो नाजुक, बहावदार और कलात्मक लिखावट के लिए जानी जाती है। यह शैली न सिर्फ सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक थी, बल्कि मुगल दरबार में औपचारिक दस्तावेजों, कविताओं और इतिहास लेखन में भी व्यापक रूप से अपनाई गई।
अकबर ने जहां धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा दिया, वहीं उन्होंने संस्कृति और कला में फारसी प्रभाव को भी महत्व दिया। उनके दरबार में फारसी भाषा के साथ-साथ नस्तलिक लिपि को भी ऊंचा स्थान दिया गया। यही कारण है कि उस समय की अधिकांश पुस्तकें, फरमान और कलाकृतियां इसी शैली में लिखी गईं।
इतना ही नहीं, नस्तलिक की इस लोकप्रियता ने भारतीय कला और शिक
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