तलवार का ही मोल भाव क्यों नहीं करना चाहिए?
तलवार और म्यान के रिश्ते को देखकर कई बार जीवन की सच्चाई समझ आती है। जब बात तलवार के मूल्य की हो, तो सिर्फ तलवार को ही क्यों नापा जाए? म्यान का महत्व तलवार के बिना नगण्य है, लेकिन तलवार भी म्यान के बिना अधूरी है।
एक तलवार की धार ही उसे महत्वपूर्ण बनाती है। वह घातक होती है, काम करती है, डराती है, बचाती है। लेकिन म्यान क्या करता है? वह तलवार को सुरक्षित रखता है, उसकी धार को निखारता है। बिना म्यान के तलवार न सिर्फ खतरनाक होती है, बल्कि अपना उद्देश्य भी खो देती है।
फिर भी, जब मूल्य निर्धारित करने की बात आती है, तो म्यान को 'मुफ्त का सामान' समझ लिया जाता है। लेकिन क्या म्यान का योगदान इतना छोटा है? नहीं। वास्तव में, म्यान का मूल्य तलवार के आधार पर होता है। तलवार जितनी तेज होगी, म्यान उतना ही महंगा माना जाएगा।
जीवन में भी ऐसा ही होता है। कई बार हम सिर्फ उज्ज्वल चीजों की तारीफ करते हैं — उपलब्धिय
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।