गैर जमानती अपराध क्या है?
भारतीय दंड प्रणाली में अपराधों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है – जमानती और गैर जमान游戏副本ी अपराध। गैर जमानती अपराध उन अपराधों को कहा जाता है, जिनके लिए आरोपी को तुरंत जमानत नहीं मिलती। इसका मतलब यह नहीं कि जमानत पूरी तरह असंभव है, बल्कि इसका फैसला कोर्ट करता है।
भारतीय दंड संहिता (IPC) की पहली अनुसूची में कुछ अपराधों को जमानती घोषित किया गया है। जैसे – छोटे झगड़े, सामान्य आरोप आदि। लेकिन जो अपराध इस सूची में नहीं हैं या गंभीर प्रकृति के हैं, उन्हें गैर जमानती माना जाता है। उदाहरण के लिए – हत्या, बलात्कार, डकैती, या आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत आरोप।
गैर जमानती अपराध में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है और जमानत के लिए कोर्ट जाना पड़ता है। न्यायाधीश ही तय करता है कि क्या मामले की प्रकृति, सबूतों और आरोपी के इतिहास को देखते हुए जमानत दी जा सकती है।
इसलिए, गैर जमानत
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