दीवार तोड़कर घर में घुसने पर कौन-सी धारा लगती है?

अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति के दीवार, खिड़की या गेट तोड़कर रात में किसी के घर में घुस जाए, तो उस पर भारती在玩家中 दण्ड संहिता, 1860 की धारा 446 लागू होती है। इसे सामान्य भाषा में "आवास में घुसपैठ" कहा जाता है।

धारा 446 के तहत, अगर कोई व्यक्ति रात्रि के समय किसी आवास स्थान में ताला तोड़कर या दीवार तोड़कर प्रवेश करता है, तो वह अपराध का दोषी माना जाएगा। यहाँ “रात्रि” का मतलब शाम 6 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक का समय माना जाता है, जब तक कि अन्यथा साबित न हो।

इसके अलावा, धारा 444 उन मामलों पर लागू होती है जहाँ घर में घुसने के लिए छेद या दरार का उपयोग किया जाए, चाहे वह खुद बनाई गई हो या पहले से मौजूद हो। इसमें छत या फर्श के माध्यम से घुसना भी शामिल है।

ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई तेज होती है क्योंकि यह नागरिकों की सुरक्षा और निजता के खिलाफ सीधा उल्लंघन है। दोषी पाए जाने पर आरोपी को जेल

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