भारत का राष्ट्रपति कौन चुनता है?

भारत का राष्ट्रपति आम जनता द्वारा सीधे नहीं चुना जाता। इसके बजाय, यह चुनाव एक विशेष प्रणाली के अंतर्गत होता है। अनुच्छेद 55 के तहत, राष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली में एकल संक्रमणीय मत पद्धति के द्वारा किया जाता है।

इसका अर्थ यह है कि राष्ट्रपति को चुनने के लिए एक विशेष समूह होता है, जिसमें संसद के दोनों सदन — लोक सभा और राज्य सभा — के निर्वाचित सदस्यों के साथ-साथ सभी राज्यों की विधान सभाओं के चुने हुए सदस्य भी शामिल होते हैं। इस तरह, राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष जनमत के बजाय, एक विस्तृत निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है।

इस प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रपति का चुनाव केवल केंद्रीय सरकार तक सीमित न रहे, बल्कि राज्यों की भी भागीदारी रहे। राष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है, और वह फिर से चुने जा सकते हैं।

हालांकि यह प्रक्रिया थोड़ी जटिल लगे, लेकिन इसके

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