दुनिया की पहली ट्रेन: एक ऐतिहासिक सफर

दुनिया की पहली ट्रेन की बात करें, तो इतिहास 19वीं सदी में लौटता है। साल 1804 में, वेल्स के इंजीनियर रिचर्ड ट्रेविथिक ने दुनिया का पहला स्टीम लोकोमोटिव तैयार किया। 21 फरवरी, 1804 को उनकी यह भाप से चलने वाली ट्रेन पेनडारेन में पहली बार चली। यह ट्रेन कोयले और लोहे के डंपरों को खदानों से ले जाने के लिए बनाई गई थी। हालांकि यह यात्री नहीं थी, लेकिन यह रेल परिवहन की शुरुआत थी।

फिर 27 सितंबर, 1825 को इतिहास बदल गया। इस दिन स्टॉकटन और डार्लिंगटन रेलवे के जरिए दुनिया की पहली सार्वजनिक यात्री भाप ट्रेन चली। जॉर्ज स्टीफ़न्सन द्वारा डिज़ाइन की गई 'लोकोमोशन नंबर 1' नामक ट्रेन ने 450 यात्रियों और कोयले के साथ डर्हमशायर में अपनी यात्रा शुरू की। यह ट्रेन महज 15 मील प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच पाई, लेकिन यह दुनिया के लिए एक क्रांति थी।

आज जब हम तेज़ रफ्तार ट्रेनों में घंटों में सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय