बुद्ध पूर्णिमा: एक आध्यात्मिक पर्व
बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है। यह त्योहार महात्मा बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की स्मृति में मनाया जाता है। इस दिन, वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि को उनका जन्म माना जाता है, जो आधुनिक तारीखों में 16 मई, 2022 को पड़ता था।
बिहार के लिए तो यह दिन विशेष महत्व का है। यहीं के लुंबिनी में बुद्ध का जन्म हुआ था और गया में उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। सारनाथ और कुशीनगर भी उनके जीवन के महत्वपूर्ण स्थल हैं। इस दिन बौद्ध भिक्षु और श्रद्धालु मंदिरों में जुटते हैं, धम्म की शिक्षाओं को याद करते हैं और शांति और अहिंसा का संदेश देते हैं।
16 मई 2022 को सोमवार के दिन मनाए गए इस पर्व में पूरा बिहार उत्साह में डूबा था। बोधगया जैसे पवित्र स्थलों पर भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। कई स्थानों पर धर्मसभाएं, भजन और प्रवचन आयोजित किए गए। लोग सफेद वस्त्र पहनते हैं, दीप जल
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