दीपावली पर काजल क्यों लगाया जाता है?
दीपावली के दिन घर-घर में दीपक जलते हैं, खुशियों की रोशनी छा जाती है और लक्ष्मी-गणेश की पूजा के बाद एक पुरानी परंपरा यह भी है कि काजल लगाया जाता है। यह केवल सौंदर्य के लिए नहीं, बल्कि आस्था और सुरक्षा का भी प्रतीक है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, काला काजल बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से बचाता है। दिवाली की रात, जब घर साफ-सुथरा होता है, दीपक जलते हैं और लक्ष्मी प्रकट होने की मान्यता होती है, तब काजल का टीका न केवल आंखों पर, बल्कि तिजोरी, चूल्हे, दरवाजों और यहां तक कि गाय के घुंघरू पर भी लगाया जाता है।
इसके पीछे विश्वास यह है कि काजल की काली टीका नकारात्मकता को भगाती है और घर में आने वाली हर शुभ ऊर्जा को सुरक्षित रखती है। पुराने समय में दीपक की लौ से बनाया गया काजल पवित्र माना जाता था। इसलिए पूजन के बाद उसे इकट्ठा करके घर के महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाया जाता है।
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