भूत-प्रेत: मृत्यु के बाद की अधूरी इच्छाएं

भूत-प्रेत कहीं सुनाई देते हैं, तो कहीं सिर्फ कहानियों में जीवित रहते हैं। लेकिन भले ही विज्ञान इन पर यकीन न करे, गाँव-गाँव में आज भी लोग उनके डर से रात को अंधेरे में नहीं निकलते।

भूत शब्द संस्कृत से आया है, जिसका अर्थ है 'वह जो था'—यानी पहले का अस्तित्व रखने वाला। लोकमान्यता के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है और उसकी कोई इच्छा अधूरी रह जाती है, तो उसकी आत्मा लौट नहीं पाती। न वो स्वर्ग जा पाती है, न नरक, और न ही पुनर्जन्म मिल पाता है। ऐसे में वो आत्मा भूत बन जाती है—एक अलौकिक, अदृश्य शक्ति के रूप में पृथ्वी पर भटकती रहती है।

कई लोगों का मानना है कि भूत इंसान को सताते हैं, तो कोई कहता है कि वो बस मदद की तलाश में होते हैं। किसी बूढ़ी दादी की कहानी में वो रात में रोते हैं, तो कहीं खंडहर घरों से आवाजें आती सुनाई देती हैं।

प्रेत शब्द भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है। कई ब

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