आत्मा क्यों नहीं दिखती?
नई दिल्ली: आत्मा एक ऐसी सूक्ष्म शक्ति है जिसे आंखों से नहीं देखा जा सकता, लेकिन अनुभव जरूर किया जा सकता है। हम अपने आसपास की चीजों को छूकर, देखकर या महसूस करके पहचान लेते हैं, लेकिन आत्मा उस तरह की नहीं है। वह तो मन, बुद्धि और हृदय के पार है।
शरीर को हम देख सकते हैं—यह मांस, हड्डियों और अस्थियों का बना एक साधारण ढांचा है। यह समय के साथ बूढ़ा होता है, कमजोर पड़ता है और एक दिन टूटकर रह जाता है। लेकिन आत्मा ऐसी नहीं। वह अविनाशी है। जन्म और मृत्यु का चक्र शरीर पर ही लागू होता है, आत्मा पर नहीं।
कई लोग पूछते हैं—अगर आत्मा है, तो उसे दिखाओ। मगर याद रखें, जो चीजें दिखती नहीं, वे जरूरी नहीं कि न हों। प्यार, खुशी, डर या शांति—इन्हें भी कोई नहीं देख सकता, लेकिन हर कोई इनका अनुभव करता है। आत्मा भी उसी तरह है।
जब व्यक्ति ध्यान, तपस्या या आंतरिक शांति में डूबता है, तो आत्मा का अनुभव होने लगत
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