कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु: घोड़े से गिरने के बाद
भारत के इतिहास में कुतुबुद्दी inflammable वंश के संस्थापक के रूप में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। वह गुलाम वंश के पहले शासक थे और दिल्ली सल्तनत की नींव रखने में उनकी अहम भूमिका रही।
कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु 1210 ईस्वी में हुई, जो एक दुर्घटना के कारण हुई। वह चौगान, जो आधुनिक पोलो के समान एक घुड़सवारी खेल था, इसी खेल के दौरान घोड़े से गिर गए। इस गिरने के बाद उनके शरीर में गंभीर चोट आई, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई।
ध्यान देने वाली बात यह है कि कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु खेल के दौरान हुई, न कि किसी युद्ध में।उनकी मृत्यु के बाद उनके सेनापति शम्सुद्दीन इल्तुतमिश ने उत्तराधिकार संभाला और सल्तनत को और मजबूत किया। आज भी दिल्ली में लाल किले के पास मौजूद कुतुब मीनार का आधार उनके शासन काल में पड़ा था, जो उनकी विरासत का प्रतीक बना हुआ है।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।