मृत्यु: जीवन का सबसे बड़ा सत्य

दुनिया में सबसे बड़ा सत्य क्या है? यह प्रश्न उठता है हर उस व्यक्ति के मन में जो जीवन के अर्थ को समझने की कोशिश करता है। और इसका जवाब शायद एक ही है – मृत्यु। यह एक ऐसा सत्य है जिसके सामने सभी झुकते हैं। चाहे वह धनी हो या गरीब, बलवान हो या कमजोर, उम्र का फर्क हो या धर्म-जाति का – एक ना एक दिन हर कोई इस दुनिया से विदा होने वाला है।

मृत्यु कोई डरावना शब्द नहीं, बल्कि जीवन की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। यह उस छाया की तरह है जो जीवन के साथ चलती है। लेकिन सवाल उठता है – मृत्यु के बाद क्या होता है? यह प्रश्न सदियों से दार्शनिकों, धर्मगुरुओं और सामान्य मनुष्य के मन में उभरता रहा है। कुछ मानते हैं कि मृत्यु के बाद पुनर्जन्म होता है, कुछ आत्मा के ईश्वर में विलीन होने की बात करते हैं, तो कुछ इसे अंतिम शांति मानते हैं।

लेकिन यह सच है कि मृत्यु न किसी धर्म के लिए है, न किसी समाज के लिए – यह सम्पूर्ण मानवता के लिए सार्वभौ

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