मृत्यु के समय पैरों का रंग क्यों बदलता है?

मृत्यु के कुछ समय पहले शरीर में कई शारीरिक परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं। उनमें से एक यह भी है कि पैरों और हाथों की त्वचा का रंग बदल जाता है। यह परिवर्तन आमतौर पर धब्बेदार या असमान दिखाई देता है।

हल्की त्वचा वाले व्यक्ति के पैर नीले या बैंगनी पड़ने लगते हैं, जबकि गहरी त्वचा वालों में यह और अधिक गहरी दिखाई देती है। इस स्थिति को चिकित्सा जगत में मोटलिंग (Mottling) कहा जाता है। यह तब होता है जब शरीर के अंगों, खासकर हाथ-पैरों तक रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है।

मृत्यु के समीप शरीर की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। दिल और मस्तिष्क जैसे महत्वपूर्ण अंगों के लिए रक्त की आपूर्ति बनाए रखने के लिए शरीर पैरों और हाथों जैसे दूर के हिस्सों की आपूर्ति कम कर देता है। इसी कारण इन क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी होती है और त्वचा का रंग बदल जाता है।

कई बार शरीर के निचले हिस्से, जैसे पैरों और कूल

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