मोक्ष के बाद क्या होता है?

हिंदू धर्म में मोक्ष जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य माना जाता है। जब कोई आत्मा जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाती है, तो उसे मोक्ष प्राप्त होता है। इसके बाद वह फिर कभी मानव जीवन या किसी अन्य योनि में जन्म नहीं लेती।

मोक्ष प्राप्त करने के बाद आत्मा शारीरिक अस्तित्व को त्याग देती है और मोक्ष लोक में पहुँचती है। यह भगवान विष्णु का दिव्य धाम है, जहाँ केवल शांति, अनंत प्रकाश और आनंद है। यह ऐसा स्थान है जहाँ न तो जन्म है, न मृत्यु, न दुख – केवल शुद्ध चेतना और ब्रह्म के साथ एकत्व।

प्राचीन ग्रंथों में मोक्ष लोक को लीला धाम या वैकुण्ठ भी कहा गया है। यहाँ आत्मा अपने कर्मों के बंधन से मुक्त होकर भगवान के निकट स्थान प्राप्त करती है। कुछ दर्शनों के अनुसार, यहाँ आत्मा को विष्णु की सेवा का सौभाग्य मिलता है, जो स्वयं अंतहीन आनंद का स्रोत है।

मोक्ष प्राप्त करने के लिए ज्ञान, भक्ति और कर्म का सही संतुलन ज़रूरी है

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