मृत्यु के बाद बाल क्यों कटाए जाते हैं?

मृत्यु के बाद शोक संतप्त परिजन अक्सर अपने बाल कटा देते हैं। यह परंपरा केवल एक भावनात्मक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक महत्व भी रखती है। कहा जाता है कि जब कोई प्रियजन इस दुनिया को छोड़ देता है, तो परिजन उनके प्रति अपने प्रेम और आत्मीयता को दर्शाने के लिए बाल छंटवाते हैं।

इसके पीछे एक आध्यात्मिक विश्वास भी है। माना जाता है कि मृत व्यक्ति के बालों को देने से उनकी आत्मा मोह-माया से मुक्त होती है और पुनर्जन्म की ओर आगे बढ़ पाती है। इसके अलावा, शारीरिक रूप से भी यह उचित माना जाता है। शरीर के अंदर मृत्यु के बाद बैक्टीरिया तेजी से फैलने लगते हैं, और बालों में वे जल्दी पनपते हैं। इसलिए मृतदेह के बाल हटाकर उसे स्वच्छ रखने का प्रयास किया जाता है।

कुछ संस्कृतियों में तो बाल दान करना एक पुण्य कार्य माना जाता है। बालों के बिना व्यक्ति की सुंदरता अधूरी है—इसलिए उनका त्याग करके

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