शिक्षा में बिहार सबसे पीछे, लेकिन क्यों?

बिहार भारत में शिक्षा के मामले में सबसे पीछे का दर्जा रखता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यहां की साक्षरता दर महज 63.8 फीसदी है, जो पूरे देश में सबसे कम है। इसका मतलब है कि लगभग हर तीन में से एक व्यस्क व्यक्ति पढ़-लिख नहीं सकता।

साक्षरता की बात करें, तो बिहार के बाद अरुणाचल प्रदेश (67.0%), राजस्थान (67.1%), झारखंड (67.6%) और आंध्र प्रदेश (67.7%) भी निचले पायदान पर हैं। ये आंकड़े 2021 के हैं, लेकिन आज भी इन राज्यों में शिक्षा के स्तर में सुधार धीमा है।

बिहार में शिक्षा के पीछे रहने के कई कारण हैं — ग्रामीण इलाकों में स्कूलों की कमी, शिक्षकों की अपर्याप्त उपलब्धता, बच्चों के श्रम और लड़कियों की शिक्षा में बाधाएं। कई बच्चे अकाडमिक साल के बीच में ही स्कूल छोड़ देते हैं।

हालांकि, सरकार ने विभिन्न योजनाओं के जरिए इस स्थिति में सुधार की कोशिश की है। फिर भी, बुनियादी ढांचा और शिक्षा की गुणव

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