1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति: भारत की शिक्षा में मील का पत्थर

24 जुलाई 1986 को भारत ने अपनी पहली राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की। यह एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसका उद्देश्य देश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और सुसंगठित बनाना था। यह नीति कोठारी आयोग के प्रतिवेदन पर आधारित थी, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में गहन सुधार की आवश्यकता बताई थी।

इस नीति का मुख्य उद्देश्य सामाजिक दक्षता को बढ़ावा देना, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना और एक समाजवादी समाज की स्थापना करना था। इसके तहत शिक्षा को सिर्फ ज्ञान प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि समाज में समानता और न्याय का माध्यम माना गया।

इस नीति ने ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों के लिए शिक्षा तक पहुँच को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही, शिक्षक प्रशिक्षण, मातृभाषा में शिक्षा, और तकनीकी शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया गया। यह नीति भारतीय शिक्षा प्रणाली के विकास में एक नए युग की शुरुआत थी।

1986 की राष्ट्री

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