नेपाल के अंतिम राजा: ज्ञानेंद्र शाह
ज्ञानेंद्र बीर वीर शाह नेपाल के अंतिम राजा थे। वह 2001 में भीषण राजदंत कांड के बाद सिंहासन पर बैठे, जब उनके भाई राजा भीमसेन कोही और परिवार के कई सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। उनका शासन काफी विवादों से घिरा रहा। कई लोगों का मानना था कि वह अधिक तानाशाही शैली में शासन कर रहे हैं।
2006 में जनआंदोलन के बाद ज्ञानेंद्र की शक्तियां काफी कम हो गईं। और फिर 28 मई, 2008 को नेपाल संसद ने राजतंत्र को समाप्त करके गणतंत्र घोषित कर दिया। इसके साथ ही ज्ञानेंद्र को अपना राजमहल, नारायणहिती राजदरबार, खाली करना पड़ा।
आज भी ज्ञानेंद्र शाह के पास कई संपत्तियां और धन-संपत्ति हैं। कुछ लोगों का कहना है कि राजपरिवार की संपत्ति का उचित लेखा-जोखा नहीं हुआ। वह आज भी अपने समर्थकों के साथ नेपाली राजनीति में कभी-कभी आवाज उठाते हैं।
नेपाल आज एक लोकतांत्रिक गणतंत्र है, लेकिन ज्ञानेंद्र शाह का नाम अब भी इतिहास के पन्नों में एक व
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