मृत्यु के बाद रोना: बाइबल क्या कहती है?
जब कोई प्रियजन चला जाता है, तो दिल टूट जाता है। आँखों से आँसू नहीं रुकते। लेकिन बाइबल हमें यह समझाती है कि शोक करना गलत नहीं है। वास्तव में, ईश्वर हमारे दर्द को समझता है। “यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है” — यह आश्वासन हमें बताता है कि हम अकेले नहीं हैं।
मृत्यु दुख का कारण है, लेकिन बाइबल कहती है कि यह अंत नहीं है। एक दिन, “अब कोई मृत्यु नहीं होगी, न शोक होगा, न रोना, न दर्द”। ऐसी दुनिया का वादा है, जहाँ सब कुछ नया होगा। यह आशा हमें आज भी आगे बढ़ने की ताकत देती है।
यीशु ने स्वयं लाजरुस की मृत्यु पर रोया था। इससे पता चलता है कि भावनाएँ दिखाना ईश्वर के लिए अपमानजनक नहीं है। बल्कि, वह हमारे आँसुओं में हमारे साथ है। “अपने मन को व्याकुल न होने दो” — यह शब्द निडर होने को नहीं, बल्कि विश्वास पर टिके रहने को कहते हैं।
मृत्यु के बाद भी जी
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