मृत्यु के बाद नेत्रदान कब तक किया जा सकता है?
नेत्रदान एक ऐसा महान कार्य है जो किसी अंधे व्यक्ति को उजियाला दे सकता है। लेकिन इसके लिए समय का विशेष ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। मृत्यु के पश्चात नेत्र निकालने का सही समय 4 से 6 घंटे के भीतर होता है। इस समय सीमा के बाद कॉर्निया (आंख का पारदर्शी सामने का हिस्सा) की गुणवत्ता घटने लगती है, जिससे प्रत्यारोपण की संभावना कम हो जाती है।
इसलिए यदि कोई व्यक्ति नेत्रदान करना चाहता है, तो मृत्यु के तुरंत बाद निकटतम नेत्र बैंक को सूचित करना चाहिए।अधिकांश नेत्र बैंक 24 घंटे सेवा प्रदान करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत टीम भेज देते हैं। नेत्रदान के लिए आयु सीमा नहीं है, न ही कोई धर्म या लिंग भेद। बच्चे भी नेत्रदान कर सकते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नेत्रदान से न केवल एक व्यक्ति को दृष्टि मिलती है, बल्कि जीवन की अंतिम यात्रा में भी एक सार्थकता आती है। अगर आप या आपके परिवार ने नेत्रदान के लिए रज
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।