बिहार का राजकीय फल: कटहल
बिहार का राजकीय फल कटहल है। यह न सिर्फ स्वाद में अनोखा है, बल्कि सांस्कृतिक और कृषि महत्व का भी प्रतीक है। कटहल का पेड़ ऊंचा और घना होता है, जो बिहार के ग्रामीण इलाकों में आम दृश्य है।
कटहल को स्थानीय भाषा में कई नामों से जाना जाता है, जैसे काँटेदार फल या वजनिय फल। यह नाम उसकी बाहरी सतह की काँटेदार प्रकृति और भारी आकार पर आधारित है। एक परिपक्व कटहल कई किलो वजन तक का हो सकता है, जो इसे खेती की दृष्टि से फायदेमंद बनाता है।
खाने में कटहल का उपयोग कई रूपों में होता है। कच्चे कटहल से बनी सब्ज़ी बिहारी थाली का एक खास हिस्सा है। पके कटहल को मीठे या नमकीन व्यंजनों में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, कटहल के फूल और बीज भी खाए जाते हैं।बिहार सरकार ने कटहल को राजकीय फल घोषित करके इसकी सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिया है। यह कदम न केवल कृषि को बढ़ावा देता है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल फसलों के प्रति जागर
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