पवित्र आत्मा कैसे बात करता है?
कई बार हम सोचते हैं कि अगर परमेश्वर हमसे बात करेगा, तो शायद बादल फटेंगे, आसमान कांपेंगे या एक जोरदार आवाज आएगी। लेकिन शास्त्रों में इसके बिल्कुल उलट बताया गया है। पवित्र आत्मा हमसे ज्यादा तेज या डरावनी आवाज में नहीं, बल्कि एक कोमल फुसफुसाहट के जैसे बात करता है।
यह आवाज गड़गड़ाहट या शोर की नहीं होती, बल्कि शांत, मधुर और स्पष्ट होती है। ऐसा लगता है जैसे कोई आपके दिल के पास खड़ा हो और धीरे से सच बता रहा हो। यह आवाज इतनी गहराई तक जाती है कि आपकी आत्मा तक छू जाती है और हृदय में एक गर्माहट सी महसूस होती है।
अगर आप कभी एकांत में ईश्वर के बारे में सच्चे दिल से सोचे हैं और उसकी उपस्थिति महसूस की है, तो शायद आपने यही फुसफुसाहट महसूस की होगी। यह आत्मा नहीं तोड़ती, बल्कि प्रेरणा देती है। नहीं डराती, बल्कि मार्गदर्शन करती है।
इसे सुनने के लिए शांत होना पड़ता है। भागदौड़, चिंता और ज़हन की
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