बिहार का राजकीय वृक्ष: पीपल का महत्व
बिहार के राजकीय पेड़ के रूप में पीपल को आधिकारिक मान्यता दी गई है। 17 अप्रैल, 2013 को राज्य सरकार ने यह घोषणा की थी। पीपल के साथ ही गौरैया को राजकीय पक्षी, बैल को राजकीय पशु और गेंदा को राजकीय फूल घोषित किया गया।
पीपल का पेड़ भारतीय संस्कृति में गहरा आध्यात्मिक महत्व रखता है। प्राचीन काल से यह बौद्ध धर्म, हिंदू धर्म और जैन धर्म में पवित्र माना जाता रहा है। कहा जाता है कि भगवान बुद्ध ने भी पीपल के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था। बिहार में इसके प्रति विशेष श्रद्धा है, क्योंकि यहाँ कई पुराने मंदिरों और तीर्थ स्थलों के पास पीपल के पेड़ हमेशा देखे जाते हैं।
पीपल न सिर्फ सांस्कृतिक रूप से, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। यह पेड़ ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने में सहायक है और छाया देने के साथ-साथ जैव विविधता को भी समर्थन देता है।
बिहार सरकार द्वारा पीपल को राजकीय वृक्ष घोषित करने का उद्देश्य प
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