बिहार का राजकीय पक्षी: गोरैया
राजदीप साह, बिहार के छोटे-छोटे गांवों में अक्सर देखी जाने वाली गोरैया अब सिर्फ एक सामान्य पक्षी नहीं है। यह राज्य का राजकीय पक्षी भी है। 13 जून, 2022 को बिहार सरकार ने आधिकारिक तौर पर गोरैया को राज्य का प्रतीक पक्षी घोषित किया। यह फैसला प्राकृतिक विरासत को बढ़ावा देने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लिया गया।
गोरैया, जिसे अंग्रेजी में House Sparrow कहा जाता है, शहरों से लेकर गांवों तक आसानी से दिखाई देती है। यह छोटे आकार की, सादे रंग की चिड़िया होती है, जो घरों की छतों, पेड़ों और दीवारों के बीच घोंसला बनाती है। पहले यह हर जगह आम थी, लेकिन आज इसकी संख्या कम होती जा रही है।
बिहार जैसे कृषि-प्रधान राज्य में गोरैया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह कीटों पर निर्भर रहती है और खेतों में कीटों की आबादी को नियंत्रित करने में मदद करती है। इसे राजकीय पक्षी बनाने से न सिर्फ इसके संरक
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