सती: एक अमर प्रेम कथा

सती प्राचीन हिंदू पुराणों में एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व हैं। वे दक्ष प्रजापति की पुत्री थीं और भगवान शिव की पहली पत्नी। उनका जीवन प्रेम, त्याग और आत्मसम्मान का प्रतीक माना जाता है।

सती का जन्म एक राजपरिवार में हुआ था, लेकिन उनका हृदय भगवान शिव से इस कदर जुड़ा था कि वे उनके बिना जीवन अधूरा मानती थीं। उन्होंने अपने मन के अनुसार जीने के लिए धन-सम्पत्ति और राजपाट छोड़कर शिव को चुना। इस निर्णय ने उनके पिता दक्ष को नाराज कर दिया।

एक बार दक्ष ने एक बड़ा यज्ञ आयोजित किया, लेकिन उन्होंने शिव और सती को निमंत्रण नहीं भेजा। जब सती ने इस अन्याय को देखा, तो उनका हृदय टूट गया। आत्मसम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने यज्ञ की अग्नि में कूदकर अपने शरीर का त्याग कर दिया। यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी थी, बल्कि सामाजिक अहंकार के खिलाफ भी एक शक्तिशाली विरोध भी थी।

सती की आत्महत्या के बाद भगवान शिव क्रोधित हो गए

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