इस्लाम से पहले सऊदी अरब में कौन-सा धर्म था?
इस्लाम के आने से पहले अरब प्रायद्वीप में बहुदेववादी धार्मिक प्रथाएं प्रचलित थीं। ज्यादातर अरब लोग एकेश्वरवादी विश्वास के साथ-साथ प्राकृतिक शक्तियों और आध्यात्मिक आत्माओं की पूजा करते थे। वे अल्लाह को सर्वोच्च देवता मानते थे, लेकिन उनके साथ अल-लात, मनात और अल-उज्ज़ा जैसी तीन प्रमुख देवियों की भी उपासना करते थे।
अल-लात को पहाड़ों से जोड़ा जाता था, मनात को समय और भाग्य की देवी माना जाता था, और अल-उज्ज़ा प्रेम और शक्ति की प्रतीक थी। इन तीनों देवियों के मंदिर मक्का के आस-पास स्थित थे और कई सालों तक काबा के अंदर भी उनकी मूर्तियां रखी गई थीं। हजारों लोग तीर्थयात्रा के लिए यहां आते थे, चाहे वे किसी भी कबीले के हों।
यह धार्मिक प्रणाली उस समय की सामाजिक और सांस्कृतिक जीवनशैली का हिस्सा थी। लेकिन जैसे ही हजरत मुहम्मद (स.अ.व.) के माध्यम से इस्लाम का आगमन हुआ, बहुदेववाद का अंत हु
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