क्यों कृष्ण ने छोड़ दी थी मथुरा?
श्री कृष्ण के जीवन में मथुरा छोड़कर द्वारिका जाना एक महत्वपूर्ण मोड़ था। जब कृष्ण ने अत्याचारी राजा कंस का वध कर मथुरा में यदुवंश का राज वापस लौटाया, तो शांति लौटने की उम्मीद थी। लेकिन कंस के श्वसुर, मगध के शक्तिशाली राजा जरासंध ने अपने जमुई की मौत का बदला लेने की ठान ली।
जरासंध ने कई बार मथुरा पर हमले किए और यादवों के खिलाफ अपने मलेच्छ व यवनी सहयोगियों को भी साथ लिया। वह कृष्ण और यदुकुल को पूरी तरह से खत्म करना चाहता था। बार-बार के आक्रमणों और खतरों के कारण मथुरा में रहना असंभव होता जा रहा था।
इसीलिए कृष्ण ने अपने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बुद्धिमत्तापूर्ण निर्णय लिया—मथुरा को छोड़कर नए आधार की तलाश। ऐसे में द्वारिका का चुनाव हुआ, जो समुद्र तट पर सुरक्षित स्थान था और दुश्मनों के हमलों से बचाव के लिए उपयुक्त।
कृष्ण का यह कदम केवल भागना नहीं, बल्कि बुद्धि और दूरदृ
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