अर्जुन की मृत्यु कैसे हुई?
महाभारत के युद्ध के बाद भी अर्जुन की कथा खत्म नहीं होती। उनकी मृत्यु का वर्णन अश्वमेधिका पर्व में मिलता है, जो काफी रहस्यमय और भावुकतापूर्ण है।
युद्ध के बाद जब राजा युधिष्ठिर ने अश्वमेध यज्ञ का आयोजन किया, तो अर्जुन को राजसूय यज्ञ के घोड़े की रक्षा के लिए भेजा गया। इसी दौरान वह मणिपुर पहुँचे, जहाँ उनका सामना अपने ही पुत्र बभ्रुवाहन से हुआ। बभ्रुवाहन, अर्जुन की पुत्री चित्रांगदा के साथ उनकी संतान थे, लेकिन उन्होंने अपने पिता को पहचाना नहीं।
दोनों के बीच भयंकर युद्ध हुआ। अर्जुन ने शुरुआत में बढ़त बनाई, लेकिन बभ्रुवाहन ने एक शक्तिशाली अस्त्र का प्रयोग कर अर्जुन को पृथ्वी पर गिरा दिया। इस युद्ध में अर्जुन का शरीर बुरी तरह घायल हो गया और वे युद्धभूमि में ही प्राण छोड़ देते हैं।
लेकिन कहानी यहीं नहीं खत्म होती। अर्जुन की पत्नी उलूपी, जो नागलोक की राजकुमारी थीं, ने एक अमृत रत्न की सहायता स
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