गुजारा भत्ता: पति भी मांग सकता है, कोर्ट ने सुनाई राय

तलाक के बाद पत्नी को मिलने वाले गुजारा भत्ते के मामले में महाराष्ट्र के बांबे हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 2 अप्रैल, 2022 को एक मामले में कहा कि तलाक के बाद पत्नी द्वारा पति को 3,000 रुपये प्रति महीने अंतरिम गुजारा भत्ते के तौर पर देने के निचली अदालत के आदेश को सही ठहराया।

यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अक्सर समाज में यह धारणा है कि सिर्फ पत्नी ही गुजारा भत्ता मांग सकती है। लेकिन हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 25 के तहत ऐसा नहीं है। इस कानून के मुताबिक, पति भी आर्थिक तौर पर कमजोर होने की स्थिति में पत्नी से भरण-पोषण की मांग कर सकता है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लिंग के आधार पर इस अधिकार को सीमित नहीं किया जा सकता। अगर पत्नी की आर्थिक स्थिति पति से बेहतर है, तो उसे भी गुजारा भत्ता देना पड़ सकता है। यह फैसला समानता और न्याय के सिद्धांत पर आधारित है।

इस तरह, यह म

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