भारत के प्रमुख धार्मिक ग्रंथ
भारत के प्राचीन और धार्मिक ग्रंथों की संख्या में कई प्रमुख श्रेणियाँ आती हैं। इनमें चार वेद—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद—सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण हैं। मान्यता है कि वेद परमात्मा के मुख से निकले हुए वाक्य हैं, इसलिए इन्हें श्रुति (सुना हुआ) कहा जाता है। वेद शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के 'विद्' शब्द से हुई है, जिसका अर्थ है 'ज्ञान'।
इसके अलावा, 18 स्मृतियाँ और 18 पुराण भी हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं। ये ग्रंथ धर्म, नीति, इतिहास और दर्शन की गहरी झांकी प्रदान करते हैं। इनमें रचनात्मक और शैलीगत विविधता पाई जाती है।
दो प्रमुख इतिहास जो ग्रंथों की श्रेणी में आते हैं—रामायण और महाभारत। रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की, जबकि महाभारत का लेखक महर्षि वेदव्यास माने जाते हैं। दोनों महाकाव्य मानव आचरण, धर्म और जीवन के उच्च आदर्शों को दर्शाते हैं। महाभारत में भगवद गीता जै
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