हीरो कौन होते हैं? सच्चाई क्या है?
हीरो शब्द अंग्रेजी का है, लेकिन इसका अर्थ आज हर कोई अपने तरीके से समझने लगा है। किसी भी समाज में, दो तरह के हीरो नजर आते हैं — एक असली, दूसरे नकली। असली हीरो वो होते हैं जो बिना शोर-शराबे के, अपने काम से लोगों के दिलों में जगह बना लेते हैं। चाहे वो कोई सैनिक हो, कोई शिक्षक हो या फिर वो आम आदमी जो मुसीबत के समय दूसरों की मदद करता है।
लेकिन आजकल, पैसे से बने कई नकली हीरो भी नजर आते हैं। ये लोग मीडिया की मदद से बनाए जाते हैं। कभी किसी व्यक्ति को पैसे देकर, तो कभी खुद उस 'हीरो' के पैसे लेकर। मीडिया के रास्ते इन्हें इतना महान दिखाया जाता है कि लोग उन्हीं की बात करने लगते हैं। लेकिन क्या वाकई वो हीरो हैं?
सच्चा हीरो वो है जो किसी एजेंडे के बजाय मानवीय मूल्यों के लिए जुड़ा रहता है। जो काम छिपकर करता है, जो शांति से लोगों की मदद करता है। जबकि नकली हीरो बस नाम और तारीफ के पीछे भागते हैं।
इसलिए जब भी
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