क्या भगवान शिव मांस खाते थे?
भगवान शिव के बारे में कहा जाता है कि वे तांडव करने वाले, ध्यान में लीन रहने वाले और संसार के संहारक हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि क्या वे मांस भी खाते थे? एक प्राचीन कथा के अनुसार, एक बार एक शिकारी घने जंगल में शिवजी के समीप आया। उसने एक पक्षी मारा, उसका मांस भूना और शिवजी के सामने रख दिया। फिर वह शिकार के लिए आगे बढ़ गया।
शाम को जब वह वापस लौटा, तो देखा कि मांस गायब था। उसने सोचा कि शिवजी ने ही खा लिया होगा। अगले दिन भी ऐसा ही हुआ। शिकारी ने फिर मांस लाकर रखा और गया। लेकिन वास्तविकता कुछ और थी। वास्तव में, शिवजी मांस नहीं खा रहे थे। उनके समीप रहने वाले भूत-प्रेत वह मांस खा जाते थे।
शिवजी स्वयं तो निराहारी योगी हैं,जो ध्यान और तपस्या में स्थित रहते हैं। फिर भी, उनके चरित्र में साधारण जीवन के प्रति सम्मान है। वे हर रूप को स्वीकार करते हैं—चाहे वह मांसाहारी हो या शाकाहारी। इस कथा से यही संदेश मिलत
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