काली माता ने शिवजी पर पैर क्यों रखा?

भगवान शिव और माँ काली के बीच हुई यह घटना कई लोगों के लिए रहस्यमय है, लेकिन इसमें गहरा आध्यात्मिक संदेश छिपा है। जब माँ काली रुद्रावतार में असुरों का संहार कर रही थीं, तो उनका क्रोध इतना बढ़ गया कि वे अपने आप पर नियंत्रण खो बैठीं। उनका रूप इतना भयंकर हो गया कि ब्रह्मांड काँप उठा।

इसी भयावह क्रोध को शांत करने के लिए भगवान शिव ने एक अनोखा उपाय अपनाया। वे चुपके से युद्धभूमि पर जाकर भूमि पर लेट गए, मानो मृत हों। जैसे ही माँ काली ने आगे बढ़ते हुए अपना पैर शिवजी के सीने पर रखा, उन्हें एहसास हुआ कि वे अपने पति पर पैर रख रही हैं।

इसी पल, उनकी चेतना लौट आई। उन्हें अपने क्रोध के लिए अपराधबोध हुआ। यह घटना सिर्फ एक लीला नहीं, बल्कि यह बताती है कि कैसे प्रेम और भक्ति क्रोध पर विजय पा सकते हैं। शिवजी की निष्क्रियता ने माँ काली के उग्र रूप को शांत कर दिया।

यह कथा आज भी हमें सिखाती है कि क्रोध में रहना मन

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