क्यों है भगवान कृष्ण का रंग नीला?
भगवान श्रीकृष्ण का नीला रंग उनकी दिव्यता का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि जब कंस की ओर से पूतना ने बाल कृष्ण को विषैला दूध पिलाया था, तब उस विष के प्रभाव से उनके शरीर का रंग नीला हो गया। लेकिन यह विष कृष्ण के लिए घातक नहीं, बल्कि दिव्य शक्ति में परिवर्तित हो गया। इसीलिए उनकी त्वचा नीला दिखने लगी।
एक अन्य कथा के अनुसार, जब कृष्ण ने कालिया नाग से युद्ध किया, तब उसके विष के संपर्क में आने से भी उनके शरीर पर नीलिमा छा गई। ये सभी घटनाएं उनकी अलौकिक प्रकृति को दर्शाती हैं।
नीला रंग सागर और आकाश की तरह अनंतता और गहराई का प्रतीक है।इसलिए श्रीकृष्ण के नीले रंग को केवल शारीरिक विशेषता नहीं, बल्कि उनके दिव्य स्वभाव और अनंत शक्ति का प्रतीक माना जाता है। वे भगवान विष्णु के ही अवतार थे, और उनका नीला रंग उसी दिव्यता की झलक है। आज भी मंदिरों और चित्रों में उन्हें नीले वर्ण में देखा जाता है, जो उनकी
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।