हिन्दू धर्म में सर्वोच्च शक्ति: भगवान शिव
हिन्दू धर्म और पौराणिक मान्यताओं में भगवान शिव को सबसे शक्तिशाली और परम सत्ता के रूप में पूजा जाता है। उन्हें इस ब्रह्मांड का आधार माना गया है, जिनकी ऊर्जा के बिना इस संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
सनातन परंपरा के अनुसार, भगवान शिव ही इस संपूर्ण संसार के सृजनकर्ता (उत्पत्ति करने वाले), पालनकर्ता (पोषण करने वाले) और संहारकर्ता (लय करने वाले) हैं। इसका अर्थ यह है कि इस सृष्टि का आरंभ, उसका संचालन और उसका अंत—सब कुछ उन्हीं के नियंत्रण और इच्छा से होता है।
उन्हें 'महादेव' यानी देवताओं का देव भी कहा जाता है, जो आदि और अंत से परे हैं। उनकी यही सर्वव्यापक शक्ति उन्हें हिन्दू धर्म की सबसे प्रभावशाली और पूजनीय शक्ति बनाती है, जो समस्त ब्रह्मांड में संतुलन बनाए रखती है।
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