सल्फर की महत्वपूर्ण भूमिका कृषि में

खेती में सल्फर का बहुत महत्व है। सल्फर को मिट्टी का सुधारक कहा जाता है क्योंकि यह मिट्टी के पीएच स्तर को कम करने में मदद करता है। खासकर चूना युक्त, पथरीली और चिपचिपी मिट्टी में सल्फर का उपयोग करना बेहद जरूरी होता है। ऐसी मिट्टी में पीएच का स्तर अधिक होता है, जिससे पौधे पोषक तत्वों को ठीक से नहीं ले पाते। सल्फर इस समस्या को कम करता है और मिट्टी को उपजाऊ बनाता है।

इसके अलावा, सल्फर का उपयोग तिलहन फसलों जैसे सरसों, अलसी और तिल में बहुत फायदेमंद होता है। यह फसलों में प्रोटीन और तेल की मात्रा में वृद्धि करता है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता सुधरती है। किसानों के लिए यह एक लाभकारी निवेश साबित होता है।

मिट्टी में सल्फर की कमी होने पर पौधों की पत्तियां हल्की हरी या पीली हो जाती हैं और उनकी वृद्धि धीमी हो जाती है। इसलिए समय-समय पर मिट्टी की जांच कर सल्फर की आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहिए।

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