सांबा को क्यों मिला कृष्ण का श्राप?

भगवान श्रीकृष्ण के वंश में जन्म लेने के बावजूद सांबा का नाम कई बार विवादों के साथ जुड़ा। प्राचीन कथाओं के अनुसार, एक दिन द्वारका के राजदरबार में एक ऐसी घटना घटी जिसने सबका ध्यान खींचा।

कथा है कि श्रीकृष्ण की एक रानी, जो सांबा के प्रति आकर्षित थीं, एक दिन उनकी पत्नी का रूप धारण कर उनके पास पहुँचीं। जब वे सांबा को आलिंगन देने लगीं, तभी श्रीकृष्ण वहाँ आ पहुँचे।

इस घटना से आहत होकर कृष्ण को क्रोध आ गया। उन्होंने सांबा को श्राप दे दिया कि वे कोढ़ी हो जाएँगे। यह श्राप सुनकर सांबा के मन में पछतावा हुआ और उन्होंने तुरंत क्षमा याचना की। फिर समय के साथ वे तपस्या और भगवान की भक्ति के मार्ग पर चल पड़े।

हालाँकि, यह कथा नैतिकता भी सिखाती है — भले ही कोई व्यक्ति देवताओं का वंशज हो, लेकिन अनुचित आचरण के लिए कोई भी छूट नहीं पाता। कृष्ण का श्राप दंड नहीं, बल्कि सुधार का माध्यम था।

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