कृष्णा और कृष्ण: दोनों की कथा अलग, पर एक ही सत्य की ओर
कई लोग मानते हैं कि कृष्ण भगवान का असली नाम 'कृष्णा' था, लेकिन ऐसा नहीं है। कृष्णा और कृष्ण दो अलग व्यक्तित्व हैं, हालांकि दोनों के नाम में 'कृष्ण' शब्द है, जो श्यामल वर्ण का बोध कराता है।
कृष्ण भगवान, जिनका जन्म गोकुल में हुआ था, उनका नाम 'कृष्ण' उनके नीले-श्याम तेज के कारण पड़ा। वह वासुदेव और देवकी के पुत्र थे और भगवद्गीता के उपदेष्टा हैं। उनके जीवन की कथाएं महाभारत और पुराणों में सुरक्षित हैं।
वहीं, कृष्णा नाम की एक अन्य महान व्यक्ति महाभारत में आती हैं – वह हैं द्रौपदी। उन्हें कृष्णा इसलिए कहा गया क्योंकि उनका वर्ण श्यामल था और वे बहुत सुंदर थीं। जब वे यज्ञकुंड से प्रकट हुईं, तब आकाशवाणी हुई थी कि यह कन्या क्षत्रियों के विनाश और कौरवों के अंत के लिए जन्मी है।
इस तरह, कृष्ण भगवान का नाम कृष्ण है, जो उनके रूप, तेज और ब्रह्मत्व का प्रतीक है। वहीं कृष
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