कृष्ण वृंदावन क्यों नहीं लौटे?

कृष्ण का वृंदावन उनके बचपन का घर था — वहीं सुख-सुहाग, रास-लीला, और गोपियों के प्रेम की अनमोल गाथाएँ हुईं। लेकिन बड़े होने के बाद वे वहाँ कभी लौटे नहीं। क्यों?

मथुरा की जिम्मेदारी और जरासंध का खतरा

कृष्ण जब मथुरा गए, तो वहाँ राजनीतिक उथल-पुथल थी। उन्होंने जरासंध जैसे शक्तिशाली राजा से बार-बार लड़ाई झेली। ऐसे में, अगर वे वृंदावन लौटते, तो जरासंध उनके पीछे आकर उस निर्दोष गोकुल को भी निशाना बनाता। कृष्ण जानते थे — उनकी उपस्थिति का मतलब था युद्ध, तूफान, और खतरा।

वृंदावन की शांति, गाय-बछड़ों की चुपचाप चलती दुनिया, यशोदा का प्यार — इन सबकी रक्षा के लिए कृष्ण ने दूरी बनाए रखी। वे जानते थे कि अगर वे एक बार भी वहाँ दिखे, तो जरासंध का हमला तय होगा।

प्रेम दूरी में भी जिंदा रहा

लेकिन कृष्ण का प्रेम कभी खत्म नहीं हुआ। वे वृंदावन को भूले नहीं, बस उसे बचाने के लिए दूर रहे

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